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नवजात शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤²
जबकि आपके शहर में कई शिशॠदेखà¤à¤¾à¤² केंदà¥à¤° हो सकते हैं, घर पर शिशॠदेखà¤à¤¾à¤² à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ नवजात शिशॠदेखà¤à¤¾à¤² के लिठसबसे अचà¥à¤›à¥‡ विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है।
छोटे बचà¥à¤šà¥‡ अतà¥à¤¯à¤‚त नाज़à¥à¤• होते हैं इसलिठउनकी देखà¤à¤¾à¤² को सावधानीपूरà¥à¤µà¤• किया जाना चाहिà¤à¥¤
कई माता और शिशॠदेखà¤à¤¾à¤² केंदà¥à¤° हैं जहां आप बाहरी सहायता पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने के लिठसंपरà¥à¤• कर सकता है। हालाà¤à¤•ि, यदि आपने शिशॠदेखà¤à¤¾à¤² केंदà¥à¤° का विकलà¥à¤ª नहीं चà¥à¤¨à¤¾ है और खà¥à¤¦ से शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² करने का निरà¥à¤£à¤¯ लिया है तो यहाठकà¥à¤› सà¥à¤à¤¾à¤µ दिठगठहैं जो सहायक हो सकते हैं।
हाथ धोना: छोटे बचà¥à¤šà¥‡ को संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¥‡ से पहले अपने हाथों को धोना सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें या कम से कम à¤à¤• सैनिटाइज़र का उपयोग करें। चूंकि à¤à¤• नवजात शिशॠके मामले में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ इतनी मजबूत नहीं है, इसलिठसंकà¥à¤°à¤®à¤£ होने की पूरी संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है। इसके अलावा, अनà¥à¤¯ लोगों के मामले में जो बचà¥à¤šà¥‡ को संà¤à¤¾à¤² रहे हैं, सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि उनके हाथ साफ हैं।
सहारा पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करना: नवजात शिशॠके मामले में गरà¥à¤¦à¤¨ की मांसपेशियों का विकास नहीं होता है। यही कारण है कि शिशà¥à¤“ं को उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पकड़ते समय सहारे की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। शिशॠको उठाते हाथ से सहारा देना शिशॠको संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¥‡ का à¤à¤• सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीका है।
शिशॠको ज़ोर से हिलाà¤à¤‚ नहीं : खेलते समय बचà¥à¤šà¥‡ को हिलाने से मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ हो सकता है जो घातक हो सकता है। यहां तक ​​कि जब बचà¥à¤šà¥‡ को जगाने का समय हो, तो पैरों को हलà¥à¤•े से गà¥à¤¦à¤—à¥à¤¦à¥€ करने से शिशॠजाग जाà¤à¤—ा।
सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रूप से जकड़ना: जब à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤° या कार की सीट पर ले जाया जाता है, तो सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि बचà¥à¤šà¥‡ को अचà¥à¤›à¥€ तरह से जकड़ें ताकि दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾ का कोई à¤à¥€ मौका न हो। इसके अलावा, उन सड़कों से बचने की कोशिश करें जो बहà¥à¤¤ ऊबड़-खाबड़ हैं।
कठोर खेल ना करें : नवजात शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² के लिठआवशà¥à¤¯à¤• सà¥à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ में से à¤à¤• यह याद रखना है कि बचà¥à¤šà¤¾ किसी à¤à¥€ तरह के रफ पà¥à¤²à¥‡ के लिठतैयार नहीं है। इसलिà¤, शिशॠको घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के बल बैठाना या हवा में फेंकना बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ अनà¥à¤¶à¤‚सित नहीं है।
तो, ये कà¥à¤› टिपà¥à¤¸ हैं कि शिशॠकी सही तरीके से देखà¤à¤¾à¤² कैसे करें। इन यà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के अलावा, बचà¥à¤šà¥‡ के सरà¥à¤µà¤¾à¤‚गीण विकास के लिठऔर à¤à¤• उचित संबंध सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने के लिठअनà¥à¤¯ कारक à¤à¥€ हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखा जाना चाहिà¤à¥¤
नवजात शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² कैसे करें?
à¤à¤• नया माता-पिता बनना धीरे-धीरे आपको बहà¥à¤¤ सारी चीजें सीखा देगा। यहां कà¥à¤› बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ चीजें हैं जो à¤à¤• माता-पिता को दैनिक रोज़ मरà¥à¤°à¤¾ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
उलà¥à¤²à¤¿à¤–ित तरीके पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को आसान बना सकते हैं।
डायपर बदलना: यह माता-पिता पर निरà¥à¤à¤° करता है कि वे कपड़े या डायपर में से किसका चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करेंगे। ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फरà¥à¤• नहीं पड़ता कि कà¥à¤¯à¤¾ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा रहा है, नवजात शिशॠà¤à¤• दिन में कम से कम 10 बार इसे गंदा कर देगा। यदि डायपर का उपयोग किया जा रहा है, तो उन चीजों की à¤à¤• सूची है जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ संà¤à¤¾à¤² कर रखा जाना चाहिà¤à¥¤
à¤à¤• नया डायपर
बाà¤à¤§à¤¨à¥‡ का कपड़ा (अगर पà¥à¤°à¥€-फोलà¥à¤¡ डायपर का उपयोग किया जा रहा है)
मरहम
डायपर वाइपà¥à¤¸
डायपर बदलते समय बचà¥à¤šà¥‡ को उसकी पीठपर लिटाà¤à¤‚ और डायपर बदलें
यदि वाइपà¥à¤¸ का उपयोग नहीं किया जा रहा है, तो धीरे से गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी और कॉटन का उपयोग करके जननांग कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को साफ़ कर दें ।
यहाà¤, दो आवशà¥à¤¯à¤• बातों पर विचार किया जाना चाहिà¤
डायपर बदलते समय लड़के शिशॠके मामले में सावधानी बरतें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हवा के लिठजननांग à¤à¤¾à¤— के संपरà¥à¤• में आने से वह पेशाब कर सकता है।
à¤à¤• बचà¥à¤šà¥€ के मामले में, मूतà¥à¤° पथ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ के किसी à¤à¥€ रूप से बचने के लिठआगे से पीछे तक पोंछने पर विचार करें।
यदि जननांग à¤à¤¾à¤— पर किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की सूजन या रैश दिखाई देते हैं, तो निकटतम शिशॠसà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ देखà¤à¤¾à¤² केंदà¥à¤° में जाà¤à¤‚।
शिशॠसà¥à¤¨à¤¾à¤¨: नठमाता-पिता के लिठयह à¤à¤• चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€à¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारà¥à¤¯ हो सकता है इसलिठमाता-पिता के लिठइस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को जानना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। बचà¥à¤šà¥‡ को पानी में रखने से पहले, पानी का तापमान जांचना सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤® पानी चकतà¥à¤¤à¥‡ को आमंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ कर सकता है।
टीकाकरण: यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने के लिठà¤à¤• और महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कदम है कि शिशॠअचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ में रहे। à¤à¤¸à¥‡ कई टीकाकरण हैं जो शिशà¥à¤“ं को कई पà¥à¤°à¤•ार के संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ को विकसित करने से दूर रखने के लिठदिठजाते हैं।
à¤à¥‹à¤œà¤¨ और पोषण: à¤à¥‹à¤œà¤¨ बचà¥à¤šà¥‡ को आवशà¥à¤¯à¤• पोषण पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने में सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है।
हालांकि, नवजात शिशà¥à¤“ं के लिà¤, उचित पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने के लिठकम से कम छह महीने तक सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने की सलाह दी जाती है।
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